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गुरुवार, 1 दिसंबर 2022


!! दुर्गा सप्तशती के कुछ सिद्ध-मंत्र  इस प्रकार है !!


आपत्त्ति उद्धारक

शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे।

सर्वस्यार्तिहरे देवी नारायणि नमो स्तु ते ॥


भयनिवारक

सर्वस्वरुपे सर्वेशे सर्वशक्तिमन्विते।

भये भ्यस्त्राहि नो देवी दुर्गे देवी नमो स्तु ते ॥


पापनाशक

हिनस्ति दैत्येजंसि स्वनेनापूर्य या जगत्।

सा घण्टा पातु नो देवी पापेभ्यो नः सुतानिव ॥


रोगनाशक

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभिष्टान्।

त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्माश्रयतां प्रयान्ति ॥


पुत्र प्राप्ति के लिये

देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥


इच्छित फल प्राप्ति

एवं देव्या वरं लब्ध्वा सुरथः क्षत्रियर्षभः


महामारी नाशक

जयन्ती मड्गला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमो स्तु ते ॥


शक्ति प्राप्ति के लिये

सृष्टि स्तिथि विनाशानां शक्तिभूते सनातनि।

गुणाश्रेय गुणमये नारायणि नमो स्तु ते ॥


इच्छित पति प्राप्ति के लिये

ॐ कात्यायनि महामाये महायेगिन्यधीश्वरि।

नन्दगोपसुते देवी पतिं मे कुरु ते नमः ॥


इच्छित पत्नी प्राप्ति के लिये

पत्नीं मनोरामां देहि मनोववृत्तानुसारिणीम्।

तारिणीं दुर्गसंसार-सागरस्य कुलोभ्दवाम् ॥



दिसंबर 01, 2022   Posted by Satish Kumar Tripathi in with No comments

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